Essay of Independence Day in Hindi: स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (15 अगस्त)

By | अगस्त 5, 2020

Essay of Independence Day in Hindi: 15 अगस्त को भारतीय राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाते है। इस दिन भारत को अंग्रेजो से स्वतंत्रता मिली थी। इस हिंदी ब्लॉग के “Essay in Hindi” की श्रंखला में “स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (15 अगस्त) को सम्मिलित किया गया है।

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध

Essay of Independence Day in Hindi

(स्वतंत्रता दिवस पर निबंध)

अगर आज सबसे बड़े लोकतंत्र की बात करे तो भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इस वर्ष (2021) भारत देश की स्वतंत्रता की 75 वीं सालगिरह मनाएंगे।

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स्वतंत्रता दिवस मनाने का उद्देश्य

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने का उद्देश्य हमारे स्वतंत्रता के इतिहास को जीवित रखना और स्वतंत्रता के सही मतलब को समझाना है।

स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाते है?

भारत के राष्ट्रपति 15 अगस्त से एक दिन पहले देश की जनता को सम्बोधित करते है। तथा ये सम्बोधन टीवी चैनलों और रेडियो के माध्यम से प्रसारित किया जाता है। इस दिन पूरे भारत में राष्ट्रीय अवकाश घोषित होता है।

हर वर्ष 15 अगस्त को भारत में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। भारत के प्रधानमंत्री इस दिन दिल्ली के लाल किले पर हमारा अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराते है। राष्ट्रीय ध्वज को 21 तोपों की सलामी दी जाती है।

15 अगस्त को सशस्त्र बलों, अर्ध सैनिक बलों और एन सी सी कैडिट द्वारा परेड की जाती है। इस दिन दिल्ली के लाल किले से डी डी नेशनल चैनल और आल इंडिया रेडियो से सीधा प्रसारण किया जाता है।

इस दिन शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में श्रद्धांजलि दी जाती है, देशभक्ति के गीत गाए और नारे लगते है।

इस दिन हमारे शहीद स्वतंत्रता सेनानियों (मंगल पांडेय, सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मी बाई, राजगुरु, चंदशेखर आज़ाद, सुखदेव, भगत सिंह, असफाक उल्ला खान, महात्मा गाँधी इत्यादि) की कुर्बानियो के याद किया जाता है।

15 अगस्त को देश के विभिन्न राज्यों में समारोह आयोजित होते है, जिनमे उस राज्य के मुख्य मंत्री और राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते है।

इस दिन सभी सरकारी, अर्ध सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में, दफ्तरों में अवकाश होता है। हर विद्यालय में ध्वजारोहण होता है। मिठाईया बाटी जाती है, राष्ट्रगान होता है।

हर विधालय में तथा हर दफ्तर में देश भक्ति गीत गए जाते है, ये गीत हमें हमारे देशभक्तों की याद दिलाते है। कही – कही तो पतंगे भी हवा में उड़ाई जाती है, और कही – कही तो कबूतरों को छोड दिया जाता है। इस प्रकार पूरे दिन हर्ष और उल्लाष का माहौल बना रहता है।

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ब्रिटिश अंग्रेज भारत कब आए? (Essay of Independence Day in Hindi)

भारत के सूरत बंदरगाह पर सर्वप्रथम अंग्रेज 24 अगस्त 1608 में व्यापर करने के उद्देश्य से आए। सर थॉमस रो (जेम्स प्रथम के राजदूत) के नेतृत्व में पहला कारखाना सूरत में बनाया गया।

सर थॉमस रो जब भारत आया तब मुग़ल बादशाह जहांगीर का शासनकाल चल रहा था। सर थॉमस रो पहला अंग्रेज था जो भारत आया और मुग़ल बादशाह जहांगीर से मुलाकात की। सर थॉमस रो ने ही भारत को गुलाम बनाने की नीव राखी थी।

रोबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में 1757 में प्लासी के युद्ध में बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को पराजित करके ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन स्थापित किया।
भारत में पहला स्वतंत्रता आंदोलन 1957 में हुआ। 1858 में प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन समाप्त होने के साथ ब्रिटिश क्राउन का सीधा भारत पर नियंत्रण हो गया।

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(भारत की स्वतंत्रता से सम्बंधित प्रमुख तथ्य)

  • इस आज़ादी के लिए हर धर्म, हर जाति, हर रंग और हर नस्ल के लोगों ने भाग लिया।
  • खुदीराम बोस पहला क्रन्तिकारी था,  जिसे 11 अगस्त 1908 में फांसी दी गई। 
  • जहाँ पुरुषो ने आज़ादी के लिए ब्रिटिश शासन से संघर्ष किया और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणो का बलिदान दिया, वहीँ पर हमारे देश की महिलाओं (अरुणा असफ अली, सरोजिनी नायडू, कस्तूरबा गाँधी, कमला नेहरू, अन्य बसंत, विजय लक्ष्मी पंडित इत्यादि) ने भी आज़ादी के लिए उनका साथ दिय। अतः हमारे भारत देश की आज़ादी में महिलाओं का विशेष योगदान रहा है।
  • अहिंसात्मक आंदोलन जो की महात्मा गाँधी द्वारा चलाया गया था, से भी आज़ादी मिलने में मदद मिली।
  • स्वाधीनता आंदोलन के नेतृत्वकर्ता महात्मा गाँधी थे, लेकिन15 अगस्त 1947 में जब आज़ादी प्राप्त हुई तब गाँधी जी ने इस जश्न में भाग नहीं लिया।
  • लार्ड माउंटबेटन (तत्कालीन वाइसराय) के प्रेस सचिव कैम्पबेल जोंसन के अनुसार 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश मित्र देश की सेना के समक्ष जापान के समर्पण की द्वितीय वर्षगांठ थी, अतः 15 अगस्त 1947 को हमारे भारत देश को आज़ाद करने का निर्णय लिया गया।
  • हमारे राष्ट्रीय ध्वज का पहली बार अनावरण पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा पुरानी दिल्ली के लाल किले पर 14-15 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि में किया गया था।
  • 14-15 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि में हमारा भारत देश एक स्वतंत्र देश बन गया, तथा पंडित जवाहर लाल नेहरू ने “ट्रस्ट विस्ट डेस्टिनी” भाषण वायसराय लॉज (मौजूदा राष्ट्रपति भवन) से दिया

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राष्ट्रगान के क्या नियम हैं।

  • भारत के राष्ट्रगान को कवि रविंद्रनाथ टैगोर ने लिखा था, तथा इसे सबसे पहले 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में हिंदी एवं बंगाली भाषाओँ में गया गया।
  • इसे 24 जनवरी 1950 को भारत की संबिधान सभा ने राष्ट्रगान बनाने की घोषणा की।
  • राष्ट्रगान गाने की कुल अवधि 52 सेकंड है तथा इसे 49 से 52 सेकंड के भीतर गया जाना चाहिए।

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राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा (Essay of Independence Day in Hindi)

  • हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में 3 पट्टियां (केसरिया- सबसे ऊपर, सफ़ेद- मध्य में, हरी- सबसे नीचे) होती है, जिनका अनुपात समान होता है।
  • राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का अनुपात 3:2 का होता है।
  • एक चक्र भी होता है, जो की सफ़ेद पट्टी के मध्य में होता है, तथात जिसका रंग नीला होता है।
  • इस चक्र का प्रारूप सारनाथ के अशोक के सिंह स्तम्भ पर बने चक्र से सम्बंधित है।
  • इस चक्र का व्यास सफ़ेद पट्टी की चौड़ाई के लगभग बराबर ही होता है, तथा इसमें 24 तीलियां है।
  • हमारे ध्वज के प्रारूप को 22 जुलाई 1947 संबिधान सभा ने स्वीकार किया।
  • सबसे ऊपर की केसरिया रंग की पट्टी भारत देश के साहस और ताकत को निरूपित करता है।
  • भारत देश के ध्वज की मध्य की सफ़ेद पट्टी धर्म, शांति अवं सत्य को निरूपित करता है।
  • सबसे नीचे की हरी रंग की पट्टी भारत देश की उर्वरकता एवं विकास को निरूपित करता है।

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स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में अंतर:

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को सभी देशवासिओं द्वारा धूम – धाम से मनाया जाता है। क्यूंकि इसी दिन भारत देश को अंग्रेजों से आजादी मिली थी। इस दिन देश के प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल किले से भारत देश के प्रतीक तिरंगा को फहराते हैं। क्यूंकि इसी दिन हमारे राष्ट्र ( भारत को स्वतंत्रता मिली थी। 14 अगस्त को देश के प्रथम नागरिक ” राष्ट्रपति द्वारा देश की जनता को सम्बोधित करने की परंपरा है।

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को सभी देशवासिओं द्वारा धूम – धाम से मनाने की परंपरा है। क्यूंकि इसी दिन देश का संबिधान लागु हुआ था, और भर देश गणतंत्र देश बन गया।

स्वतंत्रता दिवस का महत्व (Essay of Independence Day in Hindi)

 लोगों के अंदर देश के प्रति निष्ठा और देश के लिया काम करने की तीब्र इक्षा जाग्रति होती है। देश के नौजवानो के साहस को सलाम किया जाता है। अगर महत्व की बात करें, तो यह राष्ट्रीय पर्व लोगों के अंदर राष्ट्रीयता की भावना को बढ़ाता है। आपसी मतभेदों को मिटने में यह पर्व अहम् भूमिका निभाता है।

निष्कर्ष:

स्वतंत्रता दिवस हमारे देशवाशियों के लिए बड़े ही हर्ष और उल्लास का दिन होता है। इस दिन लोग स्वयं को स्वतंत्र महसूस करते हैं। चारो और देश को स्वतंत्र करने वालों को और उनके साहस को दिल से याद किया जाता है।


प्रश्नोत्तर

भारत का पहला क्रन्तिकारी कौन था, जिसे फांसी दी गई।
 

खुदीराम बोस पहला क्रन्तिकारी था,  जिसे 11 अगस्त 1908 में फांसी दी गई। 

पहली बार अंग्रेज कब और क्यों भारत आए?
 

भारत के सूरत बंदरगाह पर सर्वप्रथम अंग्रेज 24 अगस्त 1608 में व्यापर करने के उद्देश्य से आए।

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाते है।

15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश मित्र देश की सेना के समक्ष जापान के समर्पण की द्वितीय वर्षगांठ थी, अतः 15 अगस्त 1947 को हमारे भारत देश को आज़ाद करने का निर्णय लिया गया।

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